Elephant and tailor story in hindi - VIRTUAL $ NERVES

Elephant and tailor story in hindi

Elephant and tailor story in hindi

बहुत समय पहले, एक छोटे से गांव में एक तरह का दर्जी रहता था। दर्जी बहुत ही मेहनती और दयालु स्वभाव का था। जिस गांव मे दर्जी रहता था उसी गांव में एक विशाल हाथी भी रहता था। अक्सर हाथी दयालु स्वभाव वाले व्यक्ति की तरफ आकर्षित होते है।दर्जी के दयालु स्वभाब की वजह से हाथी का दर्जी के साथ बहुत अच्छा दोस्ताना था। Elephant and tailor story in hindi

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Elephant and tailor story in hindi
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हाथी स्नान करने के लिए गांव झील में जाता था। जिस रास्ते से हाथी झील मे नहाने जाते थे ठीक उसी रास्ते मे दर्जी की दुकान पड़ती थी। दयालु स्वभाब के दर्जी ने हाथी को एक दिन खाने के लिए केला दिया स्वादिष्ठ केला खाकर हाथी खुश हुआ और दर्जी और हाथी की मित्रता हो गयी। उस दिन से हाथी रोज गुजरते हुए दर्जी के हाथों से स्वादिष्ट केला लेता और खाता। आदतानुसार दयालु दर्जी भी हाथी को केला खिलाने के लिए आतुर रहता। Elephant and tailor story in hindi

एक दिन, दर्जी को कुछ जरूरी काम के लिए शहर जाना पड़ा। पर दर्जी को चिंता हो गयी कि हाथी को केला कौन खिलायेगा फिर उसके दिमाग मे आया क्यों न अपने बेटे को दुकान पर बैठा के चला जाऊ। उसने अपने बेटे को दुकान पर बैठा दिया और उसे अपने मित्र हाथी के बारे मे बात दिया और उसे हाथी को केला देने के निर्देश दिए। Elephant and tailor story in hindi

दर्जी का बेटा शरारती और चुलबुल लड़का था ।उसे शरारत करने मे मजा आता था और जीव जंतुओं को परेशान करने मे आनंद मिलता था। उसने अपने पिता के दिये हुए निर्देश टाल दिए और हाथी के साथ शरारत करने की योजना बनायीं। अपने समय पर हाथी झील मे स्नान करने के लिए जाने लगा। केला खाने के लिए आदतानुसार उसने खिड़की से अपनी सूंड अंदर कर दी। दर्जी का बेटा तो शरारत करने के लिए तैयार बैठा था। उसने हाथी की सूंड मैं सुई चुभो दी।अंदर से हुई इस प्रतिक्रिया से हाथी भौचक्का रह गया। Elephant and tailor story in hindi

हाथी को बहुत गुस्सा आया , लेकिन वह चुप रहा और झील की तरफ स्नान करने चला गया । उस दिन झील से लौटने पर, उसने अपनी सूंड में बहुत गंदापानी को संग्रहित किया। जब वह दर्जी की दुकान के पास आया, तो खिड़की से सूंड अंदर डालकर सारे कपड़ो पर गंदा कीचड़ वाला पानी डाल दिया। Elephant and tailor story in hindi

ग्राहकों के सभी नए कपड़े खराब हो गए थे।

जब दर्जी वापस आया, तो वह देखकर चौंक गया कि उसकी दुकान में क्या हुआ था। सभी ग्राहकों के कपड़े खराब हो गए उसका काफी नुकसान हुआ।उसके बाद उसे अपने बेटे के काम के बारे में पता चला और हाथी के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए उसे बहुत डांटा। और उसे नुकसान से ज्यादा अपने बेटे के बर्ताव को देखकर हुआ। Elephant and tailor story in hindi

वह हाथी से मिलने गया और उससे माफ़ी मांगी और भविष्य मे वादा किया कि ऐसा कभी नही होगा लेकिन हाथी फिर कभी अपनी दुकान में वापस नहीं आया। अब हाथी सीधा झील पर नहाने जाता और वापस आ जाता।

दर्जी के बेटे की शरारत की वजह से हाथी और दर्जी की दोस्ती खराब हो गयी।

इस कहानी से हम्हे शिक्षा मिलती है कि हम्हे किसी के साथ दुर्व्यवहार नही करना चाइये,हम्हे किसी को पीड़ा भी नही पहुंचानी चहिये और बड़ो की बात का पालन करना चहिये।

Elephant and tailor story in hindi is one of the best story with moral of TIT for Tat. The story is short but carry a great significance and moral.It teaches us to be good and humble towards everyone. In this article of our Blog we will share Elephant and tailor story in hindi.

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