Maulana Azad biography in hindi

फरवरी 22 को पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कहा “मीर ऐ कारवाँ” चला गया । वो बात कर रहे थे भारत के प्रथम शिक्षामंत्री मौलाना आज़ाद। मौलाना आज़ाद कांग्रेस के सबसे लंबे अरसे तक कम उम्र के अध्यक्ष थे।

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1923 मे मौलाना आज़ाद ने कांग्रेस के एक बोहोत ही महत्वपूर्ण सभा का सम्बोधन किया ।1923 मैं सिर्फ 35 साल की उम्र मे उन्हें कांग्रेस का अद्यक्ष चुना गया।

परिचय

नाम – मोहिउद्दीन अहमद खैरुद्दीन बख्क्त
जन्म – 11 नव्हंबर 1888
जन्मस्थान – मक्का.
पिता – मौलाना खैरुद्दीन
माता – आलियाबेगम
शिक्षा – जादातर पढाई निवास पर पुरी 1903 में ‘दर्स. ए. निजामिया’ पारसी भाषा में उत्तींर्ण होकर ‘अलीम प्रमाणपत्र’
विवाह – जुलेखा बेगम के साथ

मौलाना आज़ाद को काफी भाषाओ का ज्ञान था जिन्हें वो अच्छी तरह से बोल भी लेते थे और लिख भी लेते थे ।जैसे उर्दू, हिंदी, पर्शियन, बंगाली, अरेबिक और इंग्लिश. वे मज़ाहिब हनफी, मालिकी, शफी और हंबली फिकह, शरीअत, गणित, दर्शनशास्त्र, विश्व इतिहास और विज्ञानं में काफी रुचि रखते थे,शिक्षा की तरफ उनकी रुचि देखते हुए उनके परिवार ने मौलाना आज़ाद के लिए एक निजी शिक्षक भी रखा था। Maulana Azad biography in hindi

मौलाना आज़ाद के पूरे घर मे किताबो की भरमार थी।विभिन्न विषयों की किताबो के जत्थे लगे हुए थे। केवल 12 वर्ष की उम्र मे उन्होंने एक किताब लिखी। पत्रकार होने के साथ साथ वो एक कुशल राजनेता थे।उनके लेख बखूबी उनकी तीखी और अग्रिम सोच को बयां करते थे। मौलाना आज़ाद मात्र 12 साल की उम्र मैं अखबार अल मिस्बाह के संपादक बन गए थे। Maulana Azad biography in hindi

मौलाना आज़ाद अपने जवानी के दौर मे उर्दू की कविताएं बखूबी लिखा करते थे। लेकिन पत्रकारिता ने उनकी पहचान एक तीखे पत्रकार के रूप मे करायी । वो अपने लेख ब्रिटिश राज के खिलाफ लिखते थे उसी बीच उनकी मुलाकात महात्मा गांधी से हुई। Maulana Azad biography in hindi

महात्मा गांधी जी के आंदोलन से प्रभावित होकर मौलाना आज़ाद महात्मा गांधी जी के अनुयायी बन गए । मौलाना आज़ाद खुद को गांधी जी के आदर्शों से जोड़ते थे। गांधी जी की तरह वो भी स्वदेशी आंदोलन का पालन करते और दूसरे लोगो को भी सलाह देते।

1931 के धारसन सत्याग्रह मे मौलाना आज़ाद केंद्रित बिंदु रहे।उनके आदर्शों ने हिन्दू मुस्लिम की एकता को बनाये रखा और भाईचारे की मजबूत नीव के बतौर काम किया।भारत के आज़ादी के आंदोलन मे उनकी सक्रियता असहयोग आंदोलन से देखने को मिली।खिलाफत आंदोलन असहयोग आंदोलन का एक बड़ा हिस्सा था।मौलाना आज़ाद ने पूरे भारत का भ्रमड़ किया । जगह जगह सभा की ,भाषण दिए।मौलाना आज़ाद को भी ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार कर लिया।बाकी कांग्रेस नेताओं की तरह 1946 मे उनको रिहा कर दिया गया। हालांकि इस बीच उन्हें जेल न भेजकर “हाउस अरेस्ट” किया गया था। मौलाना आज़ाद भारत के विभाजन के विरुद्ध थे।

जब भारत विभाजन और हिन्दू मुसलमान के दंगों मैं झुलस रहा था ।तब मौलाना आज़ाद ने एक जिम्मेदार नेता होने के नाते गरीबो को प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मुफ्त मैं उपलब्ध करवाई। Maulana azad biography in hindi

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